Short Essay On Diwali In Hindi | English | Marathi | Punjabi | Sanskrit

Short Essay On Diwali In Hindi | English | Marathi | Punjabi | Sanskrit:- Here given the Short Essay On Diwali In Hindi | English | Marathi | Punjabi | Sanskrit. These Short Essay On Diwali are very useful for different languages. These all are the good Short Essay On Diwali In Hindi | English | Marathi | Punjabi | Sanskrit.

Short Essay On Diwali In Hindi | हिंदी में दीवाली पर लघु निबंध

‘दीवाली’ हिन्दुओं का प्रसिद्ध त्यौहार है। दीवाली को ‘दीपावली’ भी कहते हैं। ‘दीपावली’ का अर्थ होता है – ‘दीपों की माला या कड़ी’। 

दीवाली प्रकाश का त्यौहार है। यह हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है। दीवाली में लगभग सभी घर एवं रास्ते दीपक एवं प्रकाश से रोशन किये जाते हैं।
दीवाली का त्यौहार मनाने का प्रमुख कारण है कि इस दिन भगवान् राम, अपनी पत्नी सीता एवं अपने भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष का वनवास बिताकर अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने दिये जलाकर प्रकाशोत्सव मनाया था। इसी कारण इसे ‘प्रकाश के त्यौहार’ के रूप में मनाते हैं। 

दीवाली के दिन सभी लोग खुशी मनाते हैं एवं एक-दूसरे को बधाईयाँ देते हैं। बच्चे खिलौने एवं पटाखे खरीदते हैं। दुकानों एवं मकानों की सफाई की जाती है एवं रंग पुताई इत्यादि की जाती है। रात्रि में लोग धन की देवी ‘लक्ष्मी’ की पूजा करते हैं।

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Short Essay On Diwali In English | Diwali

Diwali or Deepawali means a row or collection of lamps. A few days before Diwali, houses, buildings, shops and temples arc thoroughly cleaned, white-washed and decorated with pictures, toys and flowers. They look as beautiful as a newly, wedded girl. Beautiful pictures are hung on the walls and everything is tip-top. On the Diwali day, people put on rich clothes and move about in a holiday mood. People exchange greetings and gifts or sweets on this day .

At night, buildings are illuminated with earthen lamps, candle-sticks and electric bulbs. The city presents a bright and colourful sight. Sweets and toy shops are tastefully decorated to attract the passers-by. The bazaars and-streets are overcrowded. People buy sweets for their own families and also send them as presents to their friends and relatives. Children explode crackers. At night, Goddess Laxmi, the goddess of wealth, is worshiped in the form of earthen images and silver rupee. People believe that on this day, Hindu Goddess Laxmi enters only those houses which are neat and tidy. People offer prayers for their own health, wealth and prosperity. They let the light on so that Goddess Laxmi may find no difficulty in finding her way in and smile upon them.

Short Essay On Diwali In English
Short Essay On Diwali In English

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Short Essay On Diwali In Marathi | मराठी दिवाळी लहान निबंध


सर्व सणांमध्ये दिवाळी हा माझा आवडता सण आहे . दिवाळी हा सन अश्विन महिन्यात येतो . त्यावेळी शाळेला सुट्टी असते . 

दिवाळीच्या दिवसांत आमच्या घरी खूप धामधूम असते . आम्ही घर सजवायला दारावर तोरण बांधतो . मी आणी ताई घरीच कंदील करतो . लाडू, करंज्या , चिवडा , चकल्या असे वेगवेगळे पदार्थ आई बनवते . त्यावेळी तिला आम्ही मदत करतो . 

आईबाबा दिवाळीला आम्हांला नवीन कपडे घेतात . नवीन कपडे घालून आम्ही आनंदाने फिरतो . आम्ही खूप फटाके वाजवतो . मित्रांबरोबर खेळतो आणि भरपूर भटकतो . 

दिवाळीच्या दिवसांत आम्ही दारात रांगोळी काढतो . संध्याकाळी लक्ष्मीची पूजा करतो . भाऊबिजेला ताई मला ओवाळते . मी तिला भेटवस्तू देतो . 

दिवाळी हा प्रकाशाचा सण आहे . तो आनंदाचा सण आहे . दिवाळी सगळीकडे उल्हास असतो . म्हणून दिवाळी हा सण मला खूपच आवडतो .

Short Essay On Diwali In Marathi
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Short Essay On Diwali In Punjabi | ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਦੀਵਾਲੀ ‘ਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਲੇਖ

ਦਿਵਾਲੀ ਜਾਂ ਦੀਪਾਵਲੀ ਭਾਰਤ ਦਾ ਇੱਕ ਤਿਉਹਾਰ ਹੈ ਜਿਹੜਾ ਹੋਰ ਵੀ ਕਈ ਦੇਸਾਂ ਵਿੱਚ ਮਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸਨੂੰ ਹਿੰਦੂ ਅਤੇ ਜੈਨ ਧਰਮ ਦੇ ਲੋਕ ਮਨਾਂਦੇ ਹਨ। ਹਿੰਦੂ ਇਸਨੂੰ ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਦੀ ਦੇਸ ਨਿਕਾਲੇ ਤੋਂ ਮੁੜਨ ਦੀ ਖੁਸ਼ੀ ਵਿੱਚ ਮਨਾਂਦੇ ਹਨ। ਜੈਨ ਧਰਮ ਦੇ ਲੋਕ ਮਹਾਂਵੀਰ ਦੇ ਨਿਰਵਾਣ ਲਬਨ ਦੀ ਖੁਸ਼ੀ ਵਿੱਚ ਇਸਨੂੰ ਮਨਾਂਦੇ ਹਨ। ਇਹ ਤਿਉਹਾਰ ਅਕਤੂਬਰ ਅਤੇ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਵਸ਼ਕਾਰ ਮਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।

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Short Essay On Diwali In Sanskrit

दीपावलिः भारतवर्षस्य एकः महान् उत्सवः अस्त्ति । दीपावलि इत्युक्ते दीपानाम् आवलिः । अयम् उत्सवः कार्तिकमासास्य अमावस्यायां भवति । कार्त्तिकमासस्य कृष्णपक्षस्य त्रयोदशीत: आरभ्य कार्त्तिकशुद्धद्वितीयापर्यन्तं ५ दिनानि यावत् आचर्यते एतत् पर्व । सायंकाले सर्वे जनाः दीपानां मालाः प्रज्वालयन्ति । दीपानां प्रकाशः अन्धकारम् अपनयति । एतत्पर्वावसरे गृहे, देवालये, आश्रमे, मठे, नदीतीरे, समुद्रतीरे एवं सर्वत्रापि दीपान् ज्वालयन्ति । प्रतिगृहं पुरत: आकाशदीप: प्रज्वाल्यते । दीपानां प्रकाशेन सह स्फोटकानाम् अपि प्रकाश: भवति । पुरुषाः स्त्रियः बालकाः बालिकाः च नूतनानि वस्त्राणि धारयन्ति आपणानां च शोभां द्रष्टुं गच्छन्ति । रात्रौ जनाः लक्ष्मीं पूजयन्ति मिष्टान्नानि च भक्षयन्ति । सर्वे जनाः स्वगृहाणि स्वच्छानि कुर्वन्ति, सुधया लिम्पन्ति सुन्दरैः च चित्रैः भूषयन्ति । ते स्वमित्रेभ्यः बन्धुभ्यः च मिष्टान्नानि प्रेषयन्ति । बालकाः बालिकाः च क्रीडनकानां मिष्टान्नानां स्फोटकपदार्थानां च क्रयणं कुर्वन्ति । अस्मिन् दिवसे सर्वेषु विद्यालयेषु कार्यालयेषु च अवकाशः भवति । भारतीयाः इमम् उत्सवम् प्रतिवर्षं सोल्लासं समायोजयन्ति । एवं सर्वरीत्या अपि एतत् पर्व दीपमयं भवति । अस्य पर्वण: दीपालिका, दीपोत्सव:, सुखरात्रि:, सुखसुप्तिका, यक्षरात्रि:, कौमुदीमहोत्सव: इत्यादीनि नामानि अपि सन्ति । अस्मिन्नवसरे न केवलं देवेभ्य: अपि तु मनुष्येभ्य: प्राणिभ्य: अपि दीपारतिं कुर्वन्ति ।

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Short Essay On Diwali In Hindi Language 

दीपावली, भारत में हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार है। दीपों का खास पर्व होने के कारण इसे दीपावली या दिवाली नाम दिया गया। दीपावली का मतलब होता है, दीपों की अवली यानि पंक्ति। इस प्रकार दीपों की पंक्तियों से सुसज्ज‍ित इस त्योहार को दीपावली कहा जाता है। कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाने वाला यह महापर्व, अंधेरी रात को असंख्य दीपों की रौशनी से प्रकाशमय कर देता है। 

दीप जलाने की प्रथा के पीछे अलग-अलग कारण या कहानियां हैं। हिंदू मान्यताओं में राम भक्तों के अनुसार कार्तिक अमावस्या को भगवान श्री रामचंद्रजी चौदह वर्ष का वनवास काटकर तथा असुरी वृत्तियों के प्रतीक रावणादि का संहार करके अयोध्या लौटे थे।

तब अयोध्यावासियों ने राम के राज्यारोहण पर दीपमालाएं जलाकर महोत्सव मनाया था। इसीलिए दीपावली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। कृष्ण भक्तिधारा के लोगों का मत है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी राजा नरकासुर का वध किया था। इस नृशंस राक्षस के वध से जनता में अपार हर्ष फैल गया और प्रसन्नता से भरे लोगों ने घी के दीए जलाए। एक पौराणिक कथा के अनुसार विंष्णु ने नरसिंह रुप धारणकर हिरण्यकश्यप का वध किया था तथा इसी दिन समुद्रमंथन के पश्चात लक्ष्मी व धन्वंतरि प्रकट हुए।

Short Essay On Diwali In Hindi
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A Short Essay On Diwali In Hindi 

दीपावली का अर्थ है – दीपों की पंक्तियां। दीपावली के दिन प्रत्येक घर दीपों की पंक्तियों से शोभायमान रहता है। दीपों, मोमबत्तियों और बिजली की रोशनी से घर का कोना-कोना प्रकाशित हो उठता है। इसलिए दीपावली को रोशनी का पर्व भी कहा जाता है। 

दीपावली कार्तिक माह की अमावस को मनाई जाती है। रोशनी से अंधकार दूर हो जाता है। इसी तरह मन में अच्‍छे विचारों को प्रकाशित कर हम मन के अंधकार को दूर कर सकते हैं।
यह त्योहार अपने साथ ढेरों खुशियां लेकर आता है। एक-दो हफ्ते पूर्व से ही लोग घर, आंगन, मोहल्ले और खलिहान को दुरुस्त करने लगते हैं। बाजार में रंग-रोगन और सफेदी के सामानों की खपत बढ़ जाती है। ठंडे मौसम की हल्की-सी आहट से तन-मन की शीतलता बढ़ जाती है।
दीपावली का दिन आने पर घर में खुशी की लहर दौड़ जाती है। बाजार में मिट्‍टी के दीपों, खिलौनों, खील-बताशों और मिठाई की दुकानों पर भीड़ होती है। दुकानदार, व्यापारी अपने बहीखातों की पूजा करते हैं और कई इसी दिन नए ‍वित्तीय वर्ष की शुरुआत भी करते हैं। 

संध्या के समय घर-आंगन और बाजार जगमगा उठते हैं। पटाखों की गूंज और फुलझड़ियों के रंगीन प्रकाश से चारों ओर खुशी का वातावरण उपस्थित हो जाता है। घर-घर में पकवान बनाए जाते हैं। बच्चों की स्कूल की छुट्‍टियों से इस त्योहार का मजा दोगुना हो जाता है। 

दीपावली के दिन भारत में विभिन्न स्थानों पर मेले लगते हैं। दीपावली एक दिन का पर्व नहीं अपितु पर्वों का समूह है। दशहरे के पश्चात ही दीपावली की तैयारियाँ आरंभ हो जाती है। लोग नए-नए वस्त्र सिलवाते हैं। दीपावली से दो दिन पूर्व धनतेरस का त्योहार आता है। इस बाजारों में चारों तरफ चहल-पहल दिखाई पड़ती है।  

बर्तनों की दुकानों पर विशेष साजसज्जा व भीड़ दिखाई देती है। धनतेरस के दिन बरतन खरीदना शुभ माना जाता है अतैव प्रत्येक परिवार अपनी-अपनी आवश्यकता अनुसार कुछ न कुछ खरीदारी करता है। इस दिन तुलसी या घर के द्वार पर एक दीपक जलाया जाता है। इससे अगले दिन नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली होती है। इस दिन यम पूजा हेतु दीपक जलाए जाते हैं।

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